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ग्रीष्कालीन प्रयोजना "आमाराइट " को सभी स्कूलों में लागु करने के आदेश | क्या है "आमाराइट " और स्कूलों में कैसे लागु होगी -पूरी जानकारी देखें - Amaright Project

 ग्रीष्मकालीन प्रायोजना "आमाराइट " - Amaright Project 

कोरोना संक्रमण के इस संकटकाल में स्कूल पूरी तरह से बंद है ,स्कूलों में पढ़ाई कब शुरू होगी  या कहें कि स्कूल कब खुलेगी -अभी इसमें अनिश्चितता बनी हुई है। जब तक सब कुछ सामान्य नहीं हो जाता स्कूल खुलने की उम्मीद नहीं के बराबर है। 

वर्तमान में स्कूल बंद है लेकिन विभिन्न माध्यमों से पढ़ाई जारी है। बच्चों की पढाई जारी रखने के लिए सरकार ने कई योजनाएं भी लागु किये है। जैसे  -पढ़ई  तुंहर दुआर ,मोहल्ला क्लास ,बुल्टू के बोल ,मिस्ड काल गुरूजी  इत्यादि। 


नए सत्र में अब एक और योजना शिक्षा विभाग स्कूलों के लिए लागु करने जा रही है ,जो एक प्रोजेक्ट के रूप में है। जिसका नाम है "आमाराइट" . इस प्रायोजना को पुरे प्रदेश के स्कूलों के लिए लागु किया गया है। 

आमाराइट क्या है - What Is Amaright ? 

आमाराइट एक ग्रीष्कालीन प्रोजेक्ट है। जिसे प्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए  उनके कक्षा के आधार पर तैयार किया गया है। इसका अर्थ Am I Right  है ,जो छत्तीसगढ़ी खेल का अपभ्रंस है। इस प्रोजेक्ट का अर्थ भी बच्चों को खेल खेल में सिखाने से है। 

इस प्रोजेक्ट को  ग्रीष्मकाल में बच्चों को सक्रीय रखने के लिए तैयार किये है , यह प्रोजेक्ट बहुत अच्छा माना जा रहा है ,इसीलिए अब इसे पुरे राज्य स्तर में लागु किया जा रहा है। 

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Amaright प्रोजेक्ट को कक्षा 1 से 12 वीं तक के बच्चों में खोजी और वैज्ञानिक प्रवृत्ति जैसे गुण विकसित करने में मददगार माना जा रहा है। इस प्रयोजना को भविष्य में बड़े स्तर में तैयार किया जा सकता है। 

लोकशिक्षण संचालनालय ने जारी किया आदेश - DPI Order 

संचालक लोकशिक्षण संचालनालय छग ने आमाराइट  प्रायोजना को पुरे राज्य स्तर में लागु करने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारीयों को लेटर जारी कर दिए है ,और इसे सभी स्कूलों में प्रसारित किया जायेगा। 

डीपीआई द्वारा जारी आदेश में कक्षा 2 से 12 वीं तक प्रायोजना की रूपरेखा दिया हुआ है। इसी के आधार पर बच्चे प्रोजेक्ट तैयार करेंगे और जब स्कूल खुलेगा तो उसे जमा करेंगे। 

DPI Order और Project डाउनलोड करें  

कक्षा वार तैयार किया गया प्रोजेक्ट 

आमाराइट प्रयोजना को बच्चों के कक्षा के स्तर के आधार पर तैयार किया गया है। जिसमे कुछ प्रश्न है ,इन प्रश्नों को बच्चे अपने माता -पिता ,भाई -बहन ,पड़ोसियों ,रिश्तेदारों और शिक्षकों के मार्गःदर्शन में तैयार करेंगे। 

प्रोजेक्ट को  विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए  तैयार किया गया है जिसमे बच्चे अपने परिवेश ,वातावरण ,रहन सहन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अवगत होंगे और स्वयं को इनसे जोड़ पाएंगे। 

यहाँ पर कुछ कक्षाओं के प्रोजेक्ट दिए जा रहे है। इन प्रोजेक्ट को ध्यान से देखें और अपने बच्चों में इसे तैयार करने की क्षमता पैदा करें। उन्हें मार्गदर्शन करें। 

कक्षा दूसरी का प्रोजेक्ट 


कक्षा तीसरी और चौथी का प्रोजेक्ट 


कक्षा छठवीं का प्रोजेक्ट 



कक्षा दसवीं का प्रोजेक्ट 


अन्य सभी क्लास के प्रोजेक्ट ऊपर दिए DPI आर्डर वाले लिंक में क्लिक करके डाउनलोड कर सकते है।इस प्रोजेक्ट कार्य को 30 जून तक पूर्ण करना है। 

आमाराइट प्रोजेक्ट की गतिविधि को विद्यार्थियों के अंकसूची में भी दर्ज किया जाएगा। इसके लिए बच्चों द्वारा तैयार किये गए प्रायोजना को जांच कर उसे तीन श्रेणियों A,B और C में प्रदान की जाएगी। इसी श्रेणी को सत्र के आंतरिक मूल्याङ्कन के रूप में दर्ज किया जायेगा।   


 आमाराइट प्रायोजना को संक्षेप में जानें 

> आमाराईट क्या है-- राज्य स्तर पर लागू किया ग्रीष्मकालीन प्रायोजना है. 

> आमाराईट किसके लिए है- कक्षा पहली से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए है. 

> किस प्रकार करना है- शिक्षकों द्वारा छात्रों को सक्रिय करते हुए  कक्षा के प्रत्येक विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट फाइल तैयार करवाना है. 

> कैसे करना है- 30 जून तक शिक्षकों के ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा किया जाना है.

> कब जमा करना है- शाला खुलने पर स्कूल में जमा करना है. 

> क्यों करना है- शाला स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा जिससे A.,B,C श्रेणी प्रदान कर अगले सत्र के आंतरिक मूल्यांकन, अंकसूची, प्रगति पत्रक में अंकित किया जाएगा. 

> मॉनिटरिंग- प्रायोजना कार्य की मॉनिटरिंग जिला, विकासखंड, संकुल स्तर पर प्राचार्य, प्रधान पाठक,  पी एल सी सदस्यों, सी ए सी के माध्यम से किया जाएगा एवं 30 जून तक पूरा करवायेंगे. 

> सहभागिता- विद्यार्थियों के साथ माता-पिता की सहभागिता, कौशल विकास, शोध आधारित, घर में पारिवारिक सहयोग से कार्य करना है

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