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शिक्षकों की पदोन्नति : राज्य के सभी विभागों में पदोन्नति लेकिन शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति क्यों नहीं जबकि हजारों पद कई सालों से रिक्त

शिक्षकों की पदोन्नति क्यों नहीं हो रहा है ? प्रायमरी एच एम के 20 हजार पद रिक्त 

शिक्षा विभाग में लाखों की संख्या में कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत है ,और सभी विभागों में पदोन्नति प्रतिवर्ष होता है। यदि किसी की पदोन्नति नहीं होता है तो वह है शिक्षक। क्या शिक्षकों को पदोन्नति का अधिकार नहीं है ? क्या शिक्षकों के के लिए पदोन्नति का नियम अलग है ?


राज्य के सभी सरकारी विभागों में पदोन्नति हो रही है ,लेकिन सबसे महत्वपूर्ण विभाग शिक्षा  विभाग में कार्यरत हजारों शिक्षकों को पदोन्नति क्यों नहीं ? आपको बता दें कि इसमें हजारों शिक्षक के साथ छः हजार से अधिक व्याख्याता भी शामिल है। 

शिक्षा विभाग की मानें तो पदोन्नति नहीं होने के पीछे कई कारण है जिसमे शिक्षकों के सर्विस बुक और सीआर के गायब होने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही अब प्रमोशन में आरक्षण के कारण पदोन्नति पर विचार नहीं किया जा रहा है। 
  • 2003 के तर्ज पर पदोन्नति की मांग 

शिक्षकों की पदोन्नति लम्बे समय से नहीं हुआ है ,आखिरी पदोन्नति 2016 में हुआ था जिसके बाद पिछले चार साल से शिक्षक पदोन्नति की राह देख रहे है। जिसके कारण शिक्षक चाहते है कि उन्हें फिलहाल 2003 के तर्ज में पदोन्नति दे दी जाय। 

यदि शासन इस नियम के तहत पदोन्नति करती है तो 20 से 22 वर्षों तक एक ही पद में कार्य कर रहे शिक्षकों को लाभ मिलेगा। .शिक्षा मंत्री ने कहा है कि इस बारे में सरकार विचार करेगी। 
  • रिक्त पदों की जानकरी देखें 

शिक्षा विभाग में शिक्षकों के  हजारों पद रिक्त है।  अकेले प्रायमरी स्कूल के प्रधान पाठक की 20000 से भी अधिक पद रिक्त है। चलिए आपको सभी पदों की रिक्त और कार्यरत के साथ साथ मंजूर पद की जानकरी बताते है। 
  • प्राचार्य के पद (स्वीकृत  /कार्यरत।/रिक्त )

राज्य में प्राचार्य के कुल 4617 पद है ,जिसमे 1797 प्राचार्य कार्यरत है जबकि 2828 पद रिक्त है। इन रिक्त पदों को व्याख्याता /व्याख्याता एल बी के प्रमोशन से भरा जायेगा। 
  • व्याख्याता के पद  (स्वीकृत  /कार्यरत।/रिक्त )

विभिन्न विषय के व्याख्याताओं की कुल 47874 पर प्रस्तावित है जिसमे 38252 व्याख्याता कार्यरत है जबकि 9622 पद रिक्त है। व्याख्याता के पद को सीधी भर्ती और पदोन्नति के माध्यम से भरा जाना है। इसमें शिक्षक की पदोन्नति व्याख्याता के पद में किया जायेगा। 
  • शिक्षक के पद  (स्वीकृत  /कार्यरत।/रिक्त )

शिक्षक के कुल 57283 पर स्वीकृत है जिसमे 41315 शिक्षक कार्यरत है। जबकि 15968 पद रिक्त है। शिक्षक के पदों की पूर्ति भी सीधी भर्ती और पदोन्नति से किया जायेगा। जिसमे प्राथमिक प्रधान पाठक /सहायक शिक्षक की पदोन्नति शिक्षक के पद में होना प्रस्तावित है। 
  • मिडिल स्कूल प्रधान पाठक  (स्वीकृत  /कार्यरत।/रिक्त )

मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के कुल 13176 पद स्वीकृत है जिसमे 1151 प्रधान पाठक कार्यरत है जबकि 1398 पद रिक्त है। मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पद को शिक्षक के प्रमोशन से भरा जायेगा। 
  • प्राथमिक स्कूल प्रधान पाठक  (स्वीकृत  /कार्यरत।/रिक्त )

प्राथमिक स्कूल में प्रधान पाठकों के सबसे अधिक पद रिक्त है।प्राइमरी स्कूल में प्रधान पाठक के कुल 30328 पद स्वीकृत है जिसमे केवल 9650 प्रधान पाठक कार्यरत है ,जबकि 20678 पद रिक्त है। 

प्रायमरी स्कूल के प्रधान पाठक का पद सहायक शिक्षकों के प्रमोशन से भरा जाना है। यदि सहायक शिक्षकों को पदोन्नति दी जाती है तो वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे सहायक शिक्षकों के लिए अच्छी खबर होगी। 
  • सहायक शिक्षक के पद  (स्वीकृत  /कार्यरत।/रिक्त )

प्रदेश में सबसे अधिक संख्या सहायक शिक्षकों की है। सहायक शिक्षकों की कुल स्वीकृत पद 82748 है जिसमे 75604 सहायक शिक्षक कार्यरत है जबकि 7144 पद रिक्त है। सहायक शिक्षकों की 100 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से ही भरे जायेंगे। 
  • सहायक शिक्षक विज्ञान  (स्वीकृत  /कार्यरत।/रिक्त )

सहायक शिक्षक विज्ञानं के कुल स्वीकृत पद 8052 है जिसमे 4017 पदों में कार्यरत है जबकि 4035 पद रिक्त है। सहायक शिक्षक विज्ञानं के पद भी सीधी भर्ती से भरे जायेंगे। 
  • भृत्य के पद  (स्वीकृत  /कार्यरत/रिक्त )

प्रदेश में भृत्य के कुल 23995 पद स्वीकृत है जिसमे 9422 पदों पर भृत्य कार्यरत है जबकि 14573 पद रिक्त है ,भृत्य के पद भी सीधी भर्ती से ही भरे जायेंगे। 
  • सीधी भर्ती के पहले हो पदोन्नति 
स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति के हजारों पद रिक्त है जैसे कि आपको ऊपर बताया गया है। आप सभी को ये भी मालूम होगा कि लगभग 15000 शिक्षकों की सीधी भर्ती के माध्यम से पदस्थापना किया जाना है जिसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है। 

नियमानुसार जब भी कोई नयी भर्ती होती है तो पहले उस पद की 50 प्रतिशत सीट को पदोन्नति से भरी जाती है यदि वह पद पदोन्नति के लिए मान्य हो। ऐसे में 15 हजार नए शिक्षकों की पदस्थापना के पहले पदोन्नति करने की मांग शिक्षकों द्वारा किया गया है।

शिक्षकों के 15 हजार पदों में पदस्थापना बहुत जल्द होने की सम्भावना है ,इसके लिए शिक्षा मंत्री ने आश्वाशन भी दिया है। अब ये भी उम्मीद है कि पदोन्नति भी जल्द होगी।

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